नुक्कड़ नाटक “स्वच्छता ही सेवा जिसे आप मंच पर सीधे बोल सकते हैं 👇
🎭 **नुक्कड़ नाटक: स्वच्छता ही सेवा है 🎬 **पात्र:**
1. रामू – समझदार युवक
2. श्याम – गंदगी फैलाने वाला
3. सरपंच जी – गांव के मुखिया
4. बच्चे – 3 से 4
5. स्वच्छता दूत – अंत में प्रेरक भाषण देने वाला
**दृश्य 1: गांव की सड़क पर**
*(ढोलक या ताली बजाकर मंच की शुरुआत)*
**श्याम (कचरा फेंकते हुए):**
अरे रामू! इतना क्यों सोच रहा है? कचरा यहीं डाल दो, कोई क्या कहेगा?
**रामू (गंभीर होकर):**
श्याम, ऐसा मत करो! इससे बिमारियां फैलती हैं। कचरा डस्टबिन में डालो।
**श्याम (हंसते हुए):**
अरे भाई! सरकार है ना सफाई के लिए, हम क्यों परेशान हों?
*(पास में बच्चे आते हैं, नाक पकड़ते हुए)*
**बच्चा 1:** उफ्फ! कैसी बदबू है!
**बच्चा 2:** यह जगह तो बहुत गंदी है। कोई साफ क्यों नहीं रखता?
*(श्याम हंसता है, बच्चे चले जाते हैं)*
**दृश्य 2: बीमारी फैलना**
*(श्याम बीमार होकर ज़मीन पर बैठा है)*
**श्याम (दर्द से):** उफ्फ, मेरा पेट! बुखार भी हो गया!
**रामू:** श्याम, देखा? यही गंदगी का नतीजा है।
*श्याम:** अब मुझे समझ आ गया, सफाई कितनी ज़रूरी है।
*दृश्य 3: सफाई अभियान**
*(सरपंच जी और बच्चे झाड़ू लेकर आते हैं)*
**सरपंच जी:** बेटा, अब सब मिलकर गांव की सफाई करेंगे।
**रामू:** हां, सब मिलकर झाड़ू लगाते हैं।
**सभी:** चलो, गांव साफ करें, देश साफ करें!
*(सब सफाई करते हुए नारे लगाते हैं)*
*“ना गंदगी फैलाएंगे, ना फैलने देंगे!”**
*“हर घर में शौचालय बनाएंगे!”**
*“स्वच्छ भारत, सुंदर भारत!”**
*दृश्य 4: प्रेरक समापन**
**स्वच्छता दूत (माइक लेकर):**
“दोस्तों, स्वच्छता सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है।
जब घर साफ होगा, गांव साफ होगा, तभी देश स्वस्थ और मजबूत बनेगा।”
*(सभी पात्र साथ में बोलते हैं)
> “स्वच्छता ही सेवा है!”
> “स्वच्छता ही देश की शान है!”
> “जहां स्वच्छता, वहां स्वास्थ्य — जहां स्वास्थ्य, वहां खुशहाली!”

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